वोडाफोन-आइडिया (Vi) के बोर्ड ने कुमार मंगलम बिड़ला को कंपनी का नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन नियुक्त किया है। कंपनी ने 258 मई को स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया कि वर्तमान चेयरमैन रविंद्र टक्कर ने पद छोड़ने की इच्छा जताई थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। रविंद्र टक्कर अब बोर्ड में केवल नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर की भूमिका में रहेंगे। बिड़ला की यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब कंपनी को सरकार से बड़ी वित्तीय राहत मिली है। हाल ही में टेलीकॉम विभाग (DoT) ने वोडाफोन-आइडिया के एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) बकाए में करीब 213,221 करोड़ रुपए की कटौती की है। इस खबर के बाद कंपनी के शेयर करीब 2500% चढ़ चुके हैं। AGR बकाया: ₹22025,695 करोड़ से घटकर ₹64,046 करोड़ हुआ सरकार ने वोडाफोन-आइडिया को बड़ी राहत देते हुए उसके AGR बकाए में 27% की कमी की है। पिछले साल दिसंबर तक यह बकाया 87,695 करोड़ रुपए था, जिसे अब घटाकर 5003,046 करोड़ रुपए कर दिया गया है। टेलीकॉम विभाग की एक कमेटी ने बकाए की गणना का दोबारा आकलन किया, जिसके बाद यह फैसला लिया गया। 5 साल तक कोई पैसा नहीं देना होगा, 2031 से शुरू होगी वसूली सरकार ने न सिर्फ बकाया कम किया है, बल्कि पेमेंट के लिए 5 साल की राहत (मोरेटोरियम) भी दी है। नया पेमेंट शेड्यूल इस प्रकार है: सुप्रीम कोर्ट और सरकार का रुख यह राहत 31 दिसंबर को कैबिनेट द्वारा मंजूर किए गए रिलीफ पैकेज और उसके बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मिली है। कोर्ट ने सरकार को ब्याज, पेनाल्टी और बकाए का दोबारा आकलन करने की अनुमति दी थी। बता दें कि वोडाफोन-आइडिया में भारत सरकार की 49% हिस्सेदारी है, जो इसे कंपनी का सबसे बड़ा शेयरधारक बनाती है। AGR विवाद: 2019 से चल रही है कानूनी लड़ाई AGR विवाद 2019 में शुरू हुआ था, जब सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि टेलीकॉम कंपनियों को गैर-टेलीकॉम रेवेन्यू पर भी सरकार को लाइसेंस फीस देनी होगी। उस समय सरकारी गणना में Vi का बकाया 58,254 करोड़ रुपए था, जबकि कंपनी इसे 21,500 करोड़ रुपए बता रही थी। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद 2025 में कोर्ट ने क्यूरेटिव पिटीशन पर सुनवाई करते हुए सरकार को दोबारा गणना करने की छूट दी थी।
बिड़ला बने वोडाफोन-आइडिया के चेयरमैन:सरकार ने AGR बकाया 27% कम किया; अब ₹64,046 करोड़ देना होगा
By worldprime
On: मई 5, 2026 10:58 अपराह्न
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