रायपुर : छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की गुणवत्ता ही नहीं,बल्कि कई मौकों में हकीकत से परे SOR अर्थात सड़कों के निर्माण की ऊंची दरें निर्धारित करने के मामले सुर्ख़ियों में रहे है|लेकिन,इस वित्तीय वर्ष की समापन की बेला में उन टेंडरो को लेकर गहमा गहमी तेज़ देखी जा रही है,जिसमें छत्तीसगढ़ शासन को लगभग एक हज़ार करोड़ का नुकसान उठाना पड़ सकता है| तस्दीक की जा रही है,कि भारत सरकार की गाइड लाइन के उल्लंघन और राज्य सरकार के वित्त विभाग की आपत्ति के बावजूद PMGSY ने “पूर्व नियोजित” टेंडर प्रक्रिया को अंजाम दिया है| इससे ठेकेदारों के बीच प्रतिस्पर्धा ख़त्म हो गई और मनमानी दरों पर सड़कों के निर्माण की नींव रख दी गई है,जारी की गई विभागीय टेंडर-निविदा सवालों के घेरे में बताई जाती है| यह भी पढ़े : छत्तीसगढ़ में “बाप घोटाला ” सीबीआई, ईडी, एसीबी – ईओडब्लू और पुलिस को धोख़ा देने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री बघेल के परिजनों ने गरीब आदिवासी सदाराम गोंड को बनाया अपना ” बाप “, दस्तावेजों में कही स्व.नन्द कुमार बघेल तो कहीं सदाराम की वल्दियत, देखें सरकारी रिकॉर्ड… विभागीय जानकारों के मुताबिक,मोटा कमीशन प्राप्त करने की प्रत्याशा में मनचाही दरों पर चुनिंदा बड़े ठेकेदारों को अनुचित फायदा पहुंचाने के लिए सुनियोजित टेंडर प्रक्रिया अंजाम दी गई है|PWD और PMGSY में सड़को के SOR ?
छत्तीसगढ़ शासन को 1 हज़ार करोड़ का झटका देने की तैयारी जोरों पर,PMGSY में टेंडर घोटाला ? सुर्ख़ियों में मंत्री विजय शर्मा…
By worldprime
On: फ़रवरी 18, 2026 4:35 अपराह्न
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